बृहस्पति की पूजा से मिलते है मनचाहे वरदान। जाने कैसे।

बृहस्पतिवार का व्रत करने और व्रत कथा सुनने से सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस व्रत से धन संपत्ति की प्राप्ति होती है। जिन्हें संतान नहीं है, उन्हें संतान की प्राप्ति होती है। परिवार में सुख-शांति बढ़ती है। जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा, उनका जल्दी ही विवाह हो जाता है। बुद्धि और शक्ति का वरदान प्राप्त होता है और व्यक्ति के जीवन में बहुत सी सुख समृद्धि आती है। Continue reading बृहस्पति की पूजा से मिलते है मनचाहे वरदान। जाने कैसे।

आरती श्री सूर्य भगवान की।

सूर्यदेव साक्षात् इस ब्रह्मांड में विद्यमान है। रविवार भगवान सूर्य का दिन माना जाता है और इस दिन सूर्य देव की उपासना करने से बहुत अच्छे परिणाम मिलते है। भगवान सूर्य को अर्घ्य देने का विशेष महत्व है। भगवान सूर्य कि कृपा पाने के लिए तांबे के पात्र में लाल चन्दन,लाल पुष्प, अक्षत डालकर प्रसन्न मन से सूर्य मंत्र का जाप करते हुए उन्हें जल अर्पण करना चाहिए। Continue reading आरती श्री सूर्य भगवान की।

क्या आप जानते है शनिदेव पर तेल क्यों चढ़ाया जाता है|

नमस्कार दोस्तों आज है शनिवार महाबली शनि देव का बार आप सभी जानते ही हो के भगवन शिव, शनि देव के गुरु हे और शनिदेव को न्याय करने और दण्डित करने की शक्ति भगवन महादेव द्वारा ही प्राप्त हुई थी। शनि देव रंग में काले हैं और वह छाया देवी और भगवान सूर्य देव के पुत्र हैं। शनि देव बेहद उदार भगवान हैं, हालांकि कई लोग उन्हें क्रूर रूप में देखते हैं। वह अपने भाई यमराज की तरह इतने न्यायप्रिय है इसीलिए वह लोगों द्वारा किए गए कार्यों के अनुरूप सही प्रकार के परिणाम प्रदान करते हैं। #dharmashastra Continue reading क्या आप जानते है शनिदेव पर तेल क्यों चढ़ाया जाता है|

तारा देवी मंदिर- शिमला, हिमाचल प्रदेश 171001

माँ तारा देवी शिमला में 250 साल पुराना एक मंदिर है। मंदिर शोघी के पास कालका-शिमला राजमार्ग पर शिमला शहर से करीब 15 किमी दूर स्थित है। ऐसा माना जाता है कि तारा देवी सेन राजवंश की कुल देवी थीं, जो बंगाल के पूर्वी राज्य से आए थे। पौराणिक कथाओं के अनुसार, मंदिर भूपेंद्र सेन ने बनबाया था। जहां तक मंदिर बनाने की बात है तो राजा भूपेंद्र सेन ने मां का मंदिर बनवाया था। Continue reading तारा देवी मंदिर- शिमला, हिमाचल प्रदेश 171001

देव कमरुनाग – महाभारत कालीन स्थल के रूप में विख्यात।

देव कामरुनाग का मूल नाम रतन याक्ष था और वह स्वयं द्वारा सीखे हुए योद्धा थे। वह भगवान विष्णु की मूर्ति को अपने सामने रखते हुए अभ्यास करते थे और उन्होंने उन्हें अपने गुरु के रूप में माना। ऐसा माना जाता है कि झील दुनिया के सबसे बड़े खजाने में से एक है। देवता में भक्ति और विश्वास की बजह से , प्राचीन काल से, सोने, चांदी, मुद्रा झील में डाली जा रही है।  Continue reading देव कमरुनाग – महाभारत कालीन स्थल के रूप में विख्यात।

शिकारी देवी मंदिर- दुनिया में एकमात्र छत रहित मंदिर।

शिकारी देवी मंदिर हिमाचल प्रदेश के जिला मंडी में हिमालय में सिराज घाटी, के पास है, जिसमें देवदार जंगल और सेब बागानों का सुंदर दृश्य है। हिमाचल प्रदेश राज्य में समुद्र तल से 2850 मीटर की ऊंचाई पर शिकारी देवी मंदिर स्थित है। आप पहाड़ी की चोटी पर स्थित शिकारी देवी मंदिर तक पहुंचने के लिए विभिन्न मार्गों के साथ एक सुंदर यात्रा का आनंद ले सकते हैं। Continue reading शिकारी देवी मंदिर- दुनिया में एकमात्र छत रहित मंदिर।

प्यारा सजा है तेरा द्वार माँ चामुंडा।

हिंदू धर्म में, चामुंडा देवी, सर्वोच्च मां देवी का एक पहलू है। नाम चंदा और मुंडा का संयोजन है। मा चामुंडा का प्रसिद्ध मंदिर भारत के हिमाचल प्रदेश के कंगड़ा जिले में है। यह बनेर खड्ड के किनारे, पलामपुर के लगभग 17 किमी पश्चिम में है। लगभग 400 साल पहले राजा और एक ब्राह्मण पुजारी ने मंदिर को सुलभ स्थान पर बनाने की प्राथना की। चामुंडा देवी का यह मंदिर पहले एक पहाड़ की छोटी पर होता था ( आदि हिमानी चामुंडा) जोकि आज भी बही पर स्तिथ है जिससे हर कोई आसानी से बहा नहीं पहुँच पता था इसलिए देवी पुजारी को एक सपने में अपनी सहमति देकर दिखाई दी। Continue reading प्यारा सजा है तेरा द्वार माँ चामुंडा।